बिज़नेस : केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ी कटौती की है। सरकार के ताजा फैसले के बाद पेट्रोल के निर्यात पर अब विंडफॉल टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। वहीं डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में भी कमी की गई है।
नई व्यवस्था के तहत डीजल के निर्यात पर अब 24 रुपये प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स लगेगा, जबकि ATF के निर्यात पर यह शुल्क घटकर 19.5 रुपये प्रति लीटर रह जाएगा। पेट्रोल पर निर्यात शुल्क शून्य किए जाने को तेल कंपनियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
विंडफॉल टैक्स सरकार की ओर से घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल और कुछ पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेज बढ़ोतरी के दौरान तेल कंपनियों को होने वाले अतिरिक्त मुनाफे पर सरकार इस टैक्स के जरिए राजस्व जुटाती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों में बदलाव के साथ सरकार समय-समय पर इसकी दरों की समीक्षा करती है।
पेट्रोल पर टैक्स खत्म होने और डीजल व ATF पर दरों में कटौती से देश की तेल कंपनियों को निर्यात के मोर्चे पर राहत मिल सकती है। खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिहाज से यह फैसला अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार की स्थिति के आधार पर सरकार विंडफॉल टैक्स में आगे क्या बदलाव करती है।
